36+ Money Making Agriculture Business Ideas In Hindi

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हम सभी बचपन से पढ़ते आ रहे हैं कि भारत एक कृषि प्रधान देश है. और यह बात 100% सच भी है क्योकि यहां की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा कृषि पर ही टिका हुआ है. 

और सबसे अच्छी तो यह है कि परंपरागत कृषि के साथ अब Agriculture Based Business Ideas का ट्रेंड बढ़ता ही जा रहा है. 

ऐसे अगर आप इस ट्रेंड का हिस्सा बनाना चाहते हैं और एग्रीकल्चर बिजनेस आईडिया की तलाश कर रहे हैं तो आपका यह खोज Earningmitra.com के इस ब्लॉग में पूरा होता है.  

क्योंकि आज के इस आर्टिकल में हम आपको 36+ एग्रीकल्चर से जुड़े बिजनेस आइडिया के नाम बताने जा रहे हैं

लेकिन पहले जान लेते हैं कि क्यों आपको एग्रीकल्चर का बिजनेस शुरू करना चाहिए? 

Contents

क्यों करें Agriculture Based Business Ideas की शुरुआत

इन कारणों से आपको एग्रीकल्चर से जुड़े बिजनेस की शुरुआत करना चाहिए. 

1. शहर जाने की जरूत नहीं- ज्यादातर बिजनेस को करने के लिए किसी भीड़ भाड़ वाले इलाके में धन्धा स्टार्ट करना पड़ता है. और इसके लिए शहर में बिजनेस शुरू करना होता है लेकिन एग्रीकल्चर बिजनेस आईडिया को आप अपने गांव-घर से शुरू कर सकते हैं. 

2. लगानी पड़ती है कम लागत – बता दें कि एग्रीकल्चर से जुड़े बिजनेस को शुरू करने के लिए कम लागत की जरूरत होती है लेकिन बडा इन्वेस्टमेंट तभी लगाना पड़ता है जब आप बड़े लेवल पर बिजनेस करना चाहते हों. 

3. सरकार भी करती है मदद- एग्रीकल्चर से जुड़े ऐसे बहुत से बिजनेस हैं जिन्हें आगे बढ़ाने के लिए सरकार सब्सिडी देती है ताकि लोग बाग अपने-गांव घर में रहकर खुद का धंधा शुरू कर सके. 

Agriculture business ideas in india in hindi

तो लीजिए Earningmitra.com के ब्लॉग में पेश हैं आपके लिए agricultural business ideas की जानकारी-  

मछली पालन का बिजनेस | fish farming business 

मछली पालन का बिजनेस

मछली पालन का बिजनेस कृषि से जुड़े बिजनेस में तेजी से आगे बढ़ रहा है. क्योंकि आज के टाइम पर मछली पालन का बिजनेस कृत्रिम रूप से भी किया जाने लगा है.  

अगर आप इस बिजनेस को करना चाहते हैं तो इसके लिए आप जरूरी नहीं है कि आपके पास तलाब होना ही चाहिए. 

आप चाहे तो कृत्रिम रूप से तलाब बनवाकर भी इस एग्रीकल्चर बिजनेस आइडिया को स्टार्ट कर सकते हैं.

इस बिजनेस को शुरू करने से पहले आपको प्रॉपर्टी ट्रेन ले लेना चाहिए ताकि बाद में किसी भी तरह के होने वाले नुकसान से आप बच सके और अच्छा खासा प्रॉफिट कमा सकें. 

उदाहरण के लिए – अगर आप एक तालाब में 500-600 मछलियों डालते हैं तो 1 महीने बाद इन मछलियों से आप 20 से 25 हजार रु. तक मुनाफा कमा सकते हैं. 

आपको बता दें कि हमारा इंडिया मछली पालन के मामले में दूसरे नंबर पर आता है. अगर आंकड़ों की बात करें तो टोटल मछली पालन का 7.7% प्रोडक्शन इंडिया में होता है. 

मधुमक्खी पालन का बिजनेस | beekeeping business

मधुमक्खी पालन का बिजनेस

वैसे शहद एक ऐसा चीज है जिसे हर कोई पसंद करता है. साथ में यह हमारे सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है क्योकि इसमे विटामिन की भरपूर मात्रा पाई जाती है.   

बता दें कि आजकल शहद को खाने के साथ-साथ सोने से पहले 

चेहरे पर लगाने के लिए भी इस्तेमाल जाता है.  

अगर आप इस बिजनेस को शुरू करते हैं तो यहां से आप अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. 

इस बिजनेस को स्टार्ट करने के लिए आप छोटे लेवल पर 10 बॉक्स से शुरुआत कर सकते हैं और फिर धीरे-धीरे बड़ा करके आप सालाना 30 बॉक्स तक जा सकते हैं. 

इस बिजनेस को स्टार्ट करने के लिए आपको अच्छे नस्ल के मधुमक्खी को चुनना होगा और उनके रहने की भी अच्छी व्यवस्था करनी होगी. 

इस बिजनेस को शुरू करने से पहले यह जरूर ध्यान में रखें कि जिस जगह पर मधुमक्खी पालन करना चाहते हैं वह जगह फल-फूलों से भरा  होना चाहिए साथ में फूलों के प्रस्फुटन के लिए अच्छा मौसम भी होना चाहिए. ताकि मधुमक्खियों को पराग ढूंढने में आसानी होगी. 

मधुमक्खी पालन का बिजनेस शुरू करने से पहले आपको अपने नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र में जाकर इसकी प्रॉपर ट्रेनिंग लेनी चाहिए. 

हर्बल मेडिसिन का बिजनेस | herbal medicine agribusiness

जड़ी बूटियों की खेती

हर्बल मेडिसिन एग्रीकल्चर का बिजनेस आज ना सिर्फ इंडिया में तेजी से बढ़ रहा है बल्कि यह पूरे दुनिया में अपनी धूम मचा रहा है. 

क्योंकि जड़ी-बूटियों से बने प्रोडक्ट की डिमांड ही मार्केट में इतनी ज्यादा है. 

अगर आपके पास थोड़ी सी भी जगह है और जड़ी-बूटियों की जानकारी है तो आप जड़ी-बूटियों के फार्मिंग का बिजनेस शुरू कर सकते हैं. 

लेकिन अगर आपके पास इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है तो आप सबसे पहले आयुर्वेदिक ट्रेनिंग सेंटर में जाकर इसकी ट्रेनिंग ले और फिर इस बिजनेस में उतरे. 

जड़ी-बूटियों से बने मेडिसिन शरीर के लिए घातक नहीं होते और और यह बीमारी को जड़ से खत्म कर देते हैं इसलिए इनकी डिमांड मार्केट में बढ़ती जा रही है. 

वैसे लोग-बाग हर्बल मेडिसिन के ऊपर विश्वास तो पहले से ही करते थे लेकिन कोरोनावायरस पेंडेमिक के आने के बाद यह विश्वास और भी मजबूत हो गया. 

डेयरी फार्मिंग बिजनेस | dairy farming business

डेयरी फार्मिंग का बिजनेस

डेयरी फार्मिंग ऐसा बिजनेस है जो हमारे इंडिया में सबसे ज्यादा किया जाते हैं और इसमें सबसे ज्यादा फायदा भी है. 

डेयरी फार्मिं यानी मिल्क प्रोडक्शन के बिजनेस को आप बड़ी आसानी से ही शुरु कर सकते हैं क्योंकि इंडिया कृषि प्रधान देश है इसलिए पशुओं को खिलाने के लिए चारा भी बहुत ही आसानी से मिल जाएगा. 

डेयरी फार्मिंग बिजनेस की बात होगी रही है तो आपको बता दें कि इंडिया दूध उत्पादन के मामले में सबसे पहले नंबर पर आता है. आंकड़ों की बात करें तो टोटल मिल्क प्रोडक्शन में से इंडिया लेले 17 दूध का उत्पादन करता है.  

डेयरी फार्म बिजनेस को आप छोटे लेवल पर कम लागत में शुरू कर सकते हैं. 

अगर आप इस बिजनेस से होने वाली कमाई को इन्वेस्ट करते हैं तो आप कुछ सालों में इसे बहुत बड़ा बिजनेस भी बना सकते हैं.  

मसालों का बिजनेस | spice business

मसालों का बिजनेस

जब तक सब्जियों में मसालों का तड़का नहीं लगाया जाता है खाने में कुछ मजा ही नहीं आता है. 

जब सब्जियों में मसाला डाल दिया जाता है तो उसमें एक जान आ जाती है और उसका टेस्ट ही लाजवाब हो जाता है.  

मसाले एक ऐसी चीज है जो रसोइयों में डेली इस्तेमाल होती हैं. 

ऐसे में अगर आप मसालों का बिजनेस शुरू करते हैं तो इसमें कभी भी आपको मंदी देखने को नहीं मिलेगी. 

इस बिजनेस को स्माल लेवल पर शुरू करके भी आप अच्छी कमाई कर सकते हैं. 

फिर बाद में आप चाहे तो खुद के मसाला को पैक करके और इन्हें लोकल मार्केट में बेच सकते हैं.

फूलों का बिजनेस | flower business

फूलों का बिजनेस

आज के समय में पूजा-पाठ करने के अलावा बर्थडे पार्टी से लेकर मैरिज और अन्य कार्यक्रमों में फूलों का इस्तेमाल किया जाने लगा है. 

ऐसे में अगर आप आप फूलों की दुकान का बिजनेस करते हैं तो इसके लिए आपको बहुत ज्यादा इन्वेस्टमेंट लगाने की जरूरत नहीं होगी लेकिन फिर भी आप यहां से अच्छी कमाई कर सकेंगे. 

उदाहरण के लिए- अगर आपको गुलदस्ते देना अच्छा लगता है तो आपने देखा होगा कि अलग-अलग तरह के फूल और पत्तियों उसमें होती हैं. 

तो ऐसे में अगर आप इस बिजनेस को स्टार्ट करते हैं तो यहां से आए साल भर अच्छा कमाई कर सकते हैं. 

बस आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि आपके फूलों का दुकान किसी ऐसी जगह पर हो जहां से लोग आते-जाते रहते हैं. 

अगर आप गांव में रहते हैं तो आप इस बिजनेस को शुरू करने के लिए फूलों की खेती भी कर सकते हैं और इन फूलों को दुकान वाले भैया को बेच कर पैसे कमा सकते हैं. 

फलों के जूस बनाने का बिजनेस | Fruit juice production business

फलों के जूस बनाने का बिजनेस

चाहे किसी भी फल का जूस हो हमारे सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है. यही वजह है कि एवं फलों का डिमांड हमेशा मार्केट में बना रहता है और जब गर्मियों के सीजन आता है तो यह डिमांड और डबल हो जाता है. 

इन सबके अलावा डॉक्टर और जिम ट्रेनर भी हमेशा जूस पीने की सलाह देते हैं ताकि हमारे शरीर को अच्छे से सभी न्यूट्रिशन मिल सके. 

अगर आप फार्मिंग से जुड़ा बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो ऐसे में फलों के जूस का बिजनेस भी एक अच्छा आईडिया हो सकता है. 

पोल्ट्री फार्म बिजनेस | poultry farm business

मुर्गी पालन का बिजनेस

जूस पीने की तरह अंडा खाना भी हमारे सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है. और आपने भी यह चीज सुना होगा कि संडे हो या मंडे रोज खाओ अंडे. 

अगर आप एग्रीकल्चर से जुड़े फार्मिंग बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो पोल्ट्री फार्म का बिजनेस उन्हीं में से एक है.

इस बिजनेस को शुरू करने के लिए आपको एक फार्म और मुर्गियों के लिए चारा बंदोबस्त करना होगा. 

अगर आप छोटे लेवल पर मुर्गी पालन का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो इसके लिए आपकोआपको करीबन 50 हजार रु. का लागत आएगा. 

लेकिन वही अगर आप बड़े लेवल पर इस बिजनेस को करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको ज्यादा इनवेस्टमेंट की जरूरत तो पड़ेगी साथ में अपने नजदीकी पशु विभाग केंद्र में फॉर्म को रजिस्ट्रेशन कराना होगा. 

इस बिजनेस को स्टार्ट करने के लिए आपको अच्छे नस्ल के मुर्गियों का चुनाव करना होगा जैसे कि बंजारा, ग्रामप्रिया, कृष्णा, कड़कनाथ आदि.  

आपको बता दें कि हमारा इंडिया मुर्गियों के अंडा प्रोडक्शन के मामले में तीसरे नंबर पर आता है. इसलिए इस बिजनेस को करके आप यहां से अच्छी कमाई कर सकते हैं. 

ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर बिजनेस | organic fertilizer business

ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर का बिजनेस

ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर प्रोडक्शन का बिजनेस एक ऐसा बिजनेस है जिसे कोई भी किसान आसानी से शुरू कर सकता है और यह बिजनेस कभी भी बंद नहीं होने वाला है क्योंकि किसी भी पौधों को लगाने या फार्मिंग करने के लिए हर किसी को कंपोस्ट की जरूरत पड़ती है और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर के इस्तेमाल से पौधों का अच्छा विकास होता है. 

ऐसे में ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस शुरू करना आपके लिए एक अच्छा Agriculture Business Ideas हो सकता है. 

अगर आप किसी ऐसी जगह पर रहते हैं जहां लोग बाग खेती-किसानी या गार्डनिंग का काम बड़े स्तर पर करते हैं तो आप ऐसे एरिया में इस बिजनेस से अच्छी कमाई कर सकते हैं. 

ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर का बिजनेस करने के लिए आप अपने एरिया का होलसेलर बन सकते हैं या फिर एक रिटेल दुकान भी खोल सकते हैं. 

फर्टिलाइजर प्रोडक्शन के मामले में इंडिया तीसरे नंबर पर आता है. 

अगर ऑर्गेनिक खाद की बात करें तो आप इसे गाय या बफेलो के गोबर या फिर मुर्गियों के वेस्ट से भी बना सकते हैं. 

इसके लिए आपको लाइसेंस की जरूरत होगी जिसे आप अपने राज्य सरकार से प्राप्त कर सकते हैं. 

इस बिजनेस को शुरू करने के लिए आपको हमेशा जानकारी लेते रहना चाहिए कि मार्केट में किस तरह के ऑर्गेनिक कंपोस्ट की डिमांड है और कौन सा फ़र्टिलाइज़र किस तरह के फसल लिए सही होता है?

मशरूम फार्मिंग बिजनेस | Mushroom farming

मशरूम फार्मिंग का बिजनेस

जो लोग मांसाहारी भोजन नहीं करते हैं उनके लिए मशरूम बहुत स्पेशल होता है. 

लोग इसे बहुत पसंद करते हैं और बड़े चाव से खाते हैं. 

बता दें कि मशरूम में प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है. 

मशरुम फार्मिंग का बिजनेस शुरू करने के लिए ना तो आपको हल चलाने की जरूरत है और ना ही बहुत ज्यादा जमीन की जरूरत है.

आप चाहे तो इस बिजनेस को अपने घर से भी शुरू कर सकते हैं. 

इस एग्रीकल्चर बिजनेस की सबसे अच्छी बात तो यह है कि इसे  साल के 12 महीने में से 8 महीने तक उगाया जा सकता है. 

मशरूम फार्मिंग बिजनेस को आप मात्र 10 से 20 हजार रु. के इन्वेस्टमेंट में शुरू कर सकते हैं. लेकिन अगर आप इस बिजनेस में एकदम नए है तो आपको सलाह देंगे कि किसी विशेषज्ञ से मशरूम फार्मिंग के बारे में सलाह मशवरा जरूर ले ले. 

वैसे तो मशरूम की कई प्रजातियां होती है लेकिन बटन मशरूम की डिमांड बाकी मशरूम उसे ज्यादा होती है. 

इसलिए टोटल मशरूम फार्मिंग में से केवल 73 परसेंट बटन मशरूम का फार्मिंग किया जाता है. 

बता दे कि हमारे इंडिया में मशरूम फार्मिंग का बिजनेस से 4.3% की दर से बढ़ रहा है. 

इसके अलावा यहां से उत्पादित मशरूम का एक्सपोर्ट विदेशों में भी किया जाता है. 

प्लांट फार्मिंग बिजनेस | Plant Farming Business 

plant farming business

अगर आप कोई ऐसा बिजनेस करना चाहते हैं जहां से आप लंबे समय (Long Term) में अच्छा मुनाफा कमा सकें तो प्लांट फार्मिंग का बिजनेस कुछ ऐसा ही है. 

कोई भी व्यक्ति इस बिजनेस को शुरू करके 5 से 6 साल के अंदर मोटा प्रॉफिट कमा सकता है. 

भले ही प्लांट फार्मिंग का बिजनेस शुरू करने के लिए चंदन जैसे कीमती पेड़-पौधों को बड़ा होने में 5 से 6 साल का समय लगेगा लेकिन जब एक बार आपका तैयार हो जाएगा तो आप इन्हें बेचकर एक ही झटके में लाखों रुपए कमा लेंगे. 

चाय की खेती | Tea Leaves Gardening 

चाय पत्ती की खेती

चाय एक ऐसी चीज है जो इंडिया में सबसे ज्यादा पी जाती है. 

और आज के टाइम पर भारत के चायपत्तियों की डिमांड विदेशों में भी काफी तेजी से बढ़ रही है.

चायपत्तियों के डिमांड बढ़ने के कारण इस बिजनेस को शुरू करके कोई भी व्यक्ति अच्छा मुनाफा कमा सकता है. 

लेकिन चाय की पत्तियों का खेती करने के लिए सही मौसम और उचित तापमान का होना बेहद जरूरी है. 

सब्जियों के आयात-निर्यात का बिजनेस | Vegetable import export business 

सब्जियों के आयात निर्यात का बिजनेस

अगर आप सब्जियों के एक्सपोर्ट का मतलब इंटरनेशनल मार्केट में सब्जियों को बेचने से समझ रहे हैं तो ऐसा कुछ भी नहीं है.  

इसका मतलब तो सिर्फ इतना है जैसे कि किसी एक राज्य से दूसरे राज्य में सब्जियों को भेजना या फिर एक देश से दूसरे देश में सब्जी को एक्सपोर्ट करना. 

अगर कोई व्यक्ति एग्रीकल्चर से जुड़ा बिजनेस शुरू करना चाहता है तो सब्जियों के एक्सपोर्ट का बिजनेस एक अच्छा Agriculture Business Ideas हो सकता है. 

लेकिन इस बिजनेस को शुरू करने के लिए कई तरह के सरकारी गाइडलाइन को फॉलो करना पड़ता है. 

सरकार के नियमों का पालन करते हुए आप अपने लोकल के किसानों से सब्जी खरीद कर इन्हें दूसरे शहर या राज्य में एक्सपोर्ट कर सकते हैं. 

बकरी पालन बिजनेस | Goat Farming Business 

बादाम की खेती

वैसे तो बकरी पालन का काम बहुत पुराने समय से होता चला आ रहा है लेकिन बदलते समय के साथ-साथ दूध और चिकन के लिए इसकी अहमियत और भी बढ़ गई है. 

बता दें कि लोकल मार्केट में बकरी के मीट की डिमांड तो होती है साथ में इंटरनेशनल मार्केट में भी इसकी  खूब मांग है. 

अगर आप इस बिजनेस को शुरू करना चाहते हैं तो अपनी क्षमता के अनुसार छोटे या बड़े किसी लेवल पर भी शुरू कर सकते हैं और यहां से मोटी कमाई कर सकते हैं. 

प्रमाणित बीज डीलर| Certified Seed Dealership 

प्रमाणित बीज डीलर

आज सरकार किसानो का उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए कई कदम उठा रही है उन्हीं कदमों में से एक है किसानों को अच्छी क्वालिटी के मुहैया करना ताकि फसलों के पैदावार को बढ़ाया जा सके. 

अगर आप किसानों के इलाके में रहते हैं तो सर्टिफाइड सीड डीलर बनना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. हालांकि सीड डीलर बनने के लिए आपको कुछ फॉर्मेलिटी को फॉलो करना होगा. 

सर्टिफाइड सीड डीलर बनने के लिए इसकी जानकारी आपको अपने राज्य के एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट से मिल जाएगी. 

मिट्टी जांच केंद्र| Soil Testing Center 

मिट्टी जांच केंद्र का बिजनेस

हम सब इस बात से अच्छी तरह वाकिफ हैं कि अलग-अलग तरह के फसलों को उगने के लिए अलग तरह के न्यूट्रिशन की जरूरत होती है जो अलग-अलग मिट्टी से मिलता है.

ऐसे में हर किसान के मन में सवाल आता है कि जिस मिट्टी में मैं इस बीज को बोने जा रहा हूं, इससे अच्छा पैदावार होगा या नहीं?  कहीं इस मिट्टी में कोई न्यूट्रिशन की कमी तो नहीं है? 

किसानों को अपने इस आशंका को दूर करने के लिए उन्हें मिट्टी की जांच की आवश्यकता होती है. 

ऐसे में अगर आप मिट्टी जांच केंद्र शुरू करते हैं तो आपके लिए है एक अच्छा एग्रीकल्चर बिजनेस आइडिया हो सकता है. 

मिट्टी जांच केंद्र में आप अपने कस्टमर्स को मिट्टी में मौजूद न्यूट्रिशन टेस्ट करने की सुविधा देने के साथ-साथ यह बता सकते हैं कि आपके मिट्टी में किस फर्टिलाइजर की जरूरत है और अपने सेंटर से उन फर्टीलाइजर को बेचकर डबल फायदा कमा सकते हैं.  

आपके जानकारी के लिए बता दें किइस तरह के लैब को बिना सरकार से परमिशन लिए नहीं खोला जा सकता है. आपको गवर्नमेंट का परमिशन लेना पड़ेगा. 

एग्रीकल्चर कंसलटेंसी बिजनेस | Agriculture Consultancy Business 

एग्रीकल्चर कंसलटिंग बिजनेस

अगर आप किसी एक एग्रीकल्चर बिजनेस में एक्सपर्ट है यानी आपको उसमे महारत हासिल है तो आप एग्रीकल्चर कंसलटेंसी बिजनेस शुरू कर सकते हैं.  

एग्रीकल्चर कंसलटेंसी बिजनेस में आप अपने कस्टमर को बताएंगे कि जिस एग्रीकल्चर में आप एक्सपर्ट हैं उस एग्रीकल्चर बिजनेस को कैसे शुरू किया जाता है और उसमें सफलता कैसे पाए जाती है. 

इसके अलावा आप अपनी कस्टमर्स को ये सलाह भी देंगे कि संबंधित एग्रीकल्चर बिजनेस को करने के लिए किस तरह के बीज की जरूरत होगी ,उस बीज के लिए किस तरह का मिट्टी होना चाहिए और उसके लिए कैसा वातावरण मौसम होना चाहिए. 

यह एक new agriculture business ideas in hindi है. 

पशुओं के लिए आहार बनाने का बिजनेस| Animal Feed Production Business 

पशुओं के लिए आहार बनाने का बिजनेस

इस बात में कोई संदेह नहीं है कि कोई भी आदमी अपने दूध की जरूरतों को पूरा करने के लिए ही पशुओं का पालन करता है. 

उदाहरण के लिए घोड़ा,गधा जैसे पशुओं का पालन बोझा ढोने के लिए किया जाता है तो गाय भैंस जैसे पशुओं का पालन दूध उत्पादन के लिए किया जाता है. 

लेकिन इन पशुओं के द्वारा अच्छे से काम लेने के लिए इन्हें अच्छी क्वालिटी का आहार खिलाने की जरूरत होती है. इसीलिए पशु पालक बाजार से पशुओं के लिए खरीदते हैं. 

ऐसे में अगर आप पशुओं के लिए आहार बनाने का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो इसमे आपको फायदा तो होगा ही लेकिन इसके लिए आपको अच्छी-खासी इन्वेस्टमेंट करने की जरूरत पड़ेगी. 

बांस की खेती | Bamboo Farming Business 

बांस की खेती

बांस एक ऐसा पेड़ होता है जिससे कई तरह की क्रिएटिव चीजें बनाई जा सकती हैं. 

आपने बांस से बनी हुई कई चीजें भी देखी होंगी जैसे कि पशुओं के रहने के लिए शेड बांस से बनाया जाता है और हवा लेने के लिए बांस के पंखे भी बनाए जाते हैं.

आज ऐसे कई कंपनी है जिन्हें बहुत ज्यादा बांस की जरूरत होती है.  अगर आप इस बिजनेस को शुरू करते हैं तो आप अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.  

बता दें कि बांस लगाकर इस बिजनेस को शुरू करते हैं तो आप एक पेड़ से सालाना 5 क्विंटल बांस का पैदावार कर सकते हैं.

उदाहरण के लिए अगर आपके पास 500 क्विंटल बंबू है तो आप यहां से 1.5 लाख से 2 लाख रु. कमा सकते हैं. 

इस कमाई को देखकर आप खुद ही कह सकते हैं कि यह कितना अच्छा money making agriculture business ideas in hindi है. 

एलोवेरा की खेती का बिजनेस 

एलोवेरा की खेती

एलोवेरा के गुणों से हम सभी लोग अच्छे से परिचित हैं. 

अगर आपको पेड़-पौधे लगाने का शौक है तो, एलोवेरा की खेती का एग्रीकल्चर बिजनेस आइडिया आपके लिए एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है.  

बता दें कि बदलते समय के साथ-साथ एलोवेरा के डिमांड में भी काफी बढ़ोतरी देखी जा रही है.

एलोवेरा की खेती करने के लिए अगर आपके पास 1 बीघा जमीन है तो आप इस जमीन में 25 पौधे लगा सकते हैं जिसके लिए आपको 5-6 हजार रु. खर्च करने की जरूरत होगी.

इन पौधों में आपको साल भर में 4-5 बार सिंचाई करना पड़ेगा. बता दें कि इस एग्रीकल्चर बिजनेस को शुरू करने के लिए आपको बहुत ज्यादा फ़र्टिलाइज़र या केमिकल इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं है जिससे आपके काफी पैसे बच जाएगे.  जो कि आपके लिए बहुत ही अच्छी बात है.

अगर आप एलोवेरा की खेती करना चाहते हैं तो आप इसे दो तरीके से कर सकते हैं पहला तरीका है कि इसको खेती करके और दूसरा है एलोवेरा की प्रोसेसिंग यूनिट लगाकर.

अगर आप एलोवेरा का जूस निकालते हैं तो आप यहां से बड़ी मोटी कमाई कर सकते हैं. 

यह कमाई 5-7 लाख रु. हो सकता है. हालाँकि यह कमाई आपके इन्वेस्टमेंट और मेहनत पर भी काफी डिपेंड करेगा.

तुलसी की खेती| Basil Cultivation 

तुलसी की खेती

तुलसी की उपयोगिता और इसके गुणों से हम सभी अच्छे से रूबरू हैं.

धार्मिक मान्यताओं के कारण हिन्दू समाज में तुलसी के पौधों की पूजा की जाती है और औषधीय गुणों के कारण इसके पत्तियों का इस्तेमाल चाय में किया जाता है.

तुलसी की पत्तियों में इतनी क्षमता है कि यह हमें कई तरह की बीमारियों से दूर रखती है.

तुलसी की पत्तियों में इतनी सारी औषधीय गुण पाए जाने के कारण हमारे देश के साथ-साथ विदेशों में भी इसकी बहुत ज्यादा डिमांड है. 

अगर आप तुलसी की पत्तियों का खेती करना चाहते हैं तो आपको बता दें कि जो किसान तुलसी की पत्तियों की खेती कर रहे हैं उनका कहना है कि अगर कोई व्यक्ति इस बिजनेस को शुरू करने के लिए ₹15000 इन्वेस्ट करता है तो यहां से 3 लाख रु. की कमाई की जा सकती हैं. 

ऐसे में आप खुद ही सोचिए कि यह कितना अच्छा एग्रीकल्चर बिजनेस आइडिया है.

सोयाबीन की खेती | Soybean Cultivation Business 

की खेती

अगर आपके पास उर्वरक जमीन है और आप इस जमीन से अच्छी कमाई करना चाहते हैं तो यह एग्रीकल्चर बिजनेस  आईडिया आपको मोटी कमाई करके दे सकता है. 

बता दे कि ने सोयाबीन की खेती आमतौर पर मानसून सीजन में की जाती है इसलिए सोयाबीन की बुवाई जून से जुलाई के अंत में कर दी जाती है.

अपने इंडिया में सोयाबीन की खेती की बात करें तो मध्यप्रदेश के साथ उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों में सोयाबीन का उत्पादन किया जाता है. 

वैसे सोयाबीन को हम तेल और सब्जियां दोनों रूप में इस्तेमाल करते हैं. 

सोयाबीन के तेल में भरपूर मात्रा में प्रोटीन मौजूद होता है इसलिए ज्यादातर लोग स्वस्थ रहने के लिए सोयाबीन ऑयल को अपनी बॉडी में लगाना पसंद करते हैं. 

सोयाबीन के इतने सारे फायदे जानने के बाद अगर आप इस बिजनेस को शुरू करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको 25 एकड़ जमीन की जरूरत होगी फिर आप इस बिजनेस से ₹10 लाख तक की कमाई कर सकते हैं.

अगर आप सही रणनीति और प्लानिंग के साथ इस बिजनेस को करते हैं तो यह प्रॉफिट और भी ज्यादा हो सकता है.

शलजम की खेती | Shalgam Ki Kheti

shaljam ki kheti
  • शलजम को शलगम के नाम से भी जाना जाता है. 
  • यह एक ऐसा फसल होता है जो आलू या या प्याज की तरह जमीन के नीचे जड़ो में तैयार होता है. 
  • शलजम की खेती के लिए बलुई और रेतीली मिट्टी उपयुक्त होती है. 
  • बता दे की शलजम की जड़ों में विटामिन C भरपूर मात्रा में पाया जाता है वहीं इसके पत्तों में विटामिन C , विटामिन K और कैलिशयम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. 
  • हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और कैंसर के मरीजो के लिए शलजम का सेवन बहुत लाभदायक होता है. 
  • इसलिए सब्जी और सलाद के तौर पर शलजम का इस्तेमाल किया जाता है. 

बादाम की खेती| Badam Ki Kheti 

बादाम की खेती
  • ड्राई फ्रूट के लिए बादाम का इस्तेमाल सबसे ज्यादा किया जाता है. 
  • साथ में मिठाई बनाने में भी इसका उपयोग होता है. 
  • हमारे इंडिया में शादियों, बर्थडे और नए साल के मौके पर गिफ्ट के रूप बादाम भेंट की जाती है. 
  • इतने सारे उपयोगिताओं के चलते market में बादाम का डिमांड तेजी से बढ़ रहा है. 
  • अगर आप बादाम की खेती करना चाहते हैं तो बता दे कि बादाम की खेती करने के लिए चिकनी मिट्टी , बलुई और गहरी उपजाऊ मिट्टी की आवश्यकता होती है. 
  • साथ में इसके लिए 7-25 डिग्री जलवायु वाले मौसम की जरूरत होती है. 
  • अगर आप इसकी खेती करते हैं तो आपको 600-1000 KG तक बादाम का भाव मिल जाएगा.  

चंदन की खेती  | Chandan Ki Kheti 

चंदन के पेड़ की खेती
  • चंदन को सबसे ज्यादा कमाई देने वाला पेड़ माना जाता है. 
  • क्योकि इसकी डिमांड देश के साथ साथ विदेशों में भी तेजी से बढ़ रही है. 
  • वैसे इस पेड़ की खेती दो तरीको से की जा सकती है. एक परम्परात ढंग से और दूसरा जैविक ढंग से. 
  • अगर आप परम्परात ढंग इसकी खेती करते हैं तो इसके लिए आपको 20-23 साल का सब्र करना पड़ेगा. 
  • वहीं अगर आप जैविक ढंग से चंदन के पेड़ों की खेती करते हैं तो इसके लिए आपको मात्रा 10-15 साल का ही सब्र रखना होगा. 
  • क्योकि समय में चंदन के पौधे एक बड़े पेड़ में तबदील हो जाते हैं. 
  • बता दें कि चंदन का रेट 3-7 हजार प्रति किलो ग्राम हैं और कभी कभी तो यह 10 हजार रु. तक पहुँच जाता है. 
  • अगर आप चंदन की खेती करना चाहते हैं तो इसका एक पौधा आपको 10-150 रु. तक में मिल जाएगा. 
  • आंकड़ो से पता चला है कि 15 साल तक चंदन की खेती करने के लिए करीबन 30 लाख रु. का लागत आता हैं. लेकिन इन पेड़ की कटाई करवाकर आराम से 1करोड़ 2 लाख रु. से 1करोड़ 5 लाख रु तक की कमाई की जा सकती है. 

जीरे की खेती  | Jira Ki Kheti In Hindi

जीरा की खेती
  • जीरा से आप अच्छी तरह वाकिफ हैं. कोई भी सब्जी बनानी हो तो जीरे का इस्तेमाल मसाला के रुप में किया जाता है. 
  • जीरा न सिर्फ सब्जी के स्वाद को बढ़ता बल्कि यह सेहत के लिहाज से भी बहुत फायदेमंद होता है. 
  • बता दे की जीरा का पौधा सौंफ की तरह दिखता है. 
  • अगर आप जीरे की खेती करना चाहते हैं तो इसके लिए दोमट ,  चिकनी , बलुई और रेतीली मिट्टी को अच्छा माना जाता है. 
  • हालांकि पीली और उपजाऊ काली मिट्टी में भी जीरे की खेती अच्छे से की जा सकती है. 
  • जीरे के पैदावार 7-8 क्विंटल प्रति हेक्टेयर होती है. 
  • और इसकी खेती करने के लिए करीबन 30-35 हजार रु का खर्चा आता है. 
  • अगर जीरे का बाजार भाव 100 रु. प्रति किलोग्राम रहता है तो आप प्रति हेक्टेयर 40-45 हजार रु. का मुनाफा कमा सकते हैं.

अलसी की खेती   | Alsi Ki Kheti  

अलसी की खेती
  • तिलहन फसलों में अलसी का अपना महत्वपूर्ण स्थान है. 
  • अलसी से प्राप्त होने वाले रेशे का इस्तेमाल रस्सी, कपड़े जैसे चीजें बनाने में किया जाता है. 
  • तथा इसके बीज से निकलने वाले तेल से पेंट , साबुन वार्निश जैसी चीजें तैयार की जाती है. 
  • बता दें कि अलसी उत्पादन के मामले में भारत का नाम सबसे पहले स्थान पर आता है. 
  • अलसी की खेती करने के लेइ शुष्क और ठंडे मौसम की जरूरत होती है.  इसलिए इसकी खेती आमतौर पर रबी के मौसम में की जाती है. 
  • असली के बीजो के अंकुरण के लिए 25-30 डिग्री  तापमान की आवश्यकता होती है. 
  • अगर आप अलसी की खेती का Agriculture Business स्टार्ट करना चाहते हैं तो बताते चले कि इसके लिए  बुलई, दोमट मिट्टी सबसे अच्छा होता है.

चुकंदर की खेती | Chukandar Ki Kheti

चुकंदर की खेती
  • चुकंदर के लाभकारी गुणों के कारण बाजार में इसकी काफी डिमांड रहती है. 
  • चुकंदर हमारे शरीर में खून बनाने में सहायक होते हैं इसलिए डॉक्टर भी खून की कमी , एनीमिया , कैंसर ,हृदय रोग , बवासीर के मरीजो को चुकंदर खाने की सलाह देते हैं. 
  • ऐसे में अगर आप चुकंदर की खेती करते हैं तो आपके लिए बहुत Best Agriculture Business Ideas हो सकता है. 
  • उत्तरप्रदेश में हरदोई के किसान चुकंदर की खेती करके अच्छा मुनाफा कमाना रहे हैं. उनका कहना है कि हमारे चुकंदर को खरीदने के लिए लोग-बाग खुद खेत में चले आते हैं. 

सरसों की खेती   | Sarso Ki Kheti  

सरसों की खेती
  • सरसो रबी की फसल है जिसकी खेती राजस्थान , पंजाब , उत्तरप्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों में बड़े स्तर पर की जाती है. 
  • सरसो के बीज में तेल की मात्रा करीबन 30-48% तक पाया जाता है जिससे यह तेल का अच्छा स्रोत साबित होता है. 
  • वैसे लॉकडाउन लगने के बाद से तेल के दाम आसमान छू रहे हैं. 
  • ऐसे में अगर आप सरसो की खेती का फार्मिंग बिजनेस शुरू करते हैं तो यहां से मोटी कमाई कर सकते हैं. 
  • आपको बता दें कि सभी तरह के मिट्टी में इसका खेती किया जा सकता है लेकिन दोमट और बलुई मिट्टी इसके लिए सबसे उपयुक्त होती है. 
  • इसकी खेती के लिए 15-20 सेल्सियस टेम्परेचर की जरूरत होती है. 
  • अगर सरसो के उत्पादन की बात करें तो प्रति हेक्टेयर करीबन 20 क्विंटल सरसो की पैदावार होती है. 
  • सरसो की खेती करके आप 1-1.5 लाख रु. की कमाई कर सकते है. 

सीताफल(शरीफा) की खेती| Sharifa Ki Kheti

सीताफल की खेती
  • वैसे सीताफल का स्वाद आपने चखा ही होगा.  यह फल ऊपर से देखने में तो सख्त होता है लेकिन अंदर से गूदेदार होता है. 
  • स्वादिष्ट होने के साथ इस फल में कई तरह के औषधीय गुण पाए जाते हैं इसलिए इसमे प्रतिरोधक शक्ति मौजूद होता है. 
  • साथ में यह पाचन शक्ति और शरीर का वजन बढ़ाने में भी सहायक होता है. 
  • अगर आप इसकी खेती करना चाहते हैं तो यह पेड़ आपको कम लागत में भी ज्यादा कमाई करके दे सकता है. 
  • सीताफल की खेती करने के लिए शुष्क जलवायु की जरूरत होती है. अगर तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा हो जाता है इसके फूल अपने आप झड़ने लगते हैं. 
  • शरीफे की खेती पर सभी तरह के मिट्टी में कर सकते हैं लेकिन दोमट मिट्टी इसके लिए सबसे अच्छा होता है. 
  • इस पौधे के पेड़ 3 साल में फल देना शुरु कर देते हैं. आप प्रति एकड़ में 8-10 टन फल प्राप्त कर सकते हैं. 
  • औषधीय फल होने के वजह से इसका Market में काफी डिमांड रहता है. आप इस बिजनेस से प्रति एकड़ 5-6 लाख रु. की कमाई कर सकते हैं. 

हरी मिर्च की खेती| Mirch Ki Kheti  

हरी मिर्च की खेती
  • मिर्च हर घर की जरूरत है इसलिए इसकी डिमांड साल के 12 महीने रहती है. 
  • वैसे सब्जी में तीखे का तड़का लगाने के अलावा अचार , मसाले और सॉस बनाने में भी मिर्च का इस्तेमाल किया जाता है. 
  • हरी मिर्च की खेती साल में 3 बार की जा सकती है. हालांकि इसकी खेती सभी तरह के मिट्टी में की जा सकती है लेकिन जीवांशयुक्त दोमट या बलुई मिट्टी सबसे अच्छा माना जाता है. 
  • वहीं अगर तापमान की बात करें तो हरी मिर्च की खेती करने के लिए 15-35 डिग्री सेल्सियस तापमान तथा गर्म आर्द जलवायु वाले मौसम की जरूरत होती है. 
  • हरि मिर्च की खेती करने के लिए प्रति एकड़ 35-40 हजार रु का लागत आता है. इस लागत में आप 60 क्विंटल पैदावार ले सकते हैं.   
  • अगर आप बाजार में 20 रु. प्रति किलोग्राम के भाव से मिर्च को बेचते हैं तो 1 लाख 20 हजार रु. की कमाई कर सकते हैं. 
  • यानी आपको लागत से भी डबल मुनाफा इस Agriculture Business Ideas से मिलेगा. 

सुपारी की खेती | Supari Ki Kheti  

सुपारी की खेती
  • सुपारी का इस्तेमाल पान चबाने के साथ-साथ, गुटखा जैसे पान मसाला बनाने में किया जाता है. 
  • इसके अलावा हिन्दू भाई धार्मिक कार्यों के लिए भी सुपारी का इस्तेमाल करते हैं. 
  • सुपारी उत्पादन के मामले में भारत पूरी दुनिया में सबसे पहले नंबर पर आता है. टोटल सुपारी प्रोडक्शन का 50% सुपारी यहां पर से पैदा किए जाते है. सुपारी के पेड़ नारियल के पेड़ के जैसे ही 50-60 फ़ीट लंबे होते हैं. 
  • सुपारी में कई औषधीय गुण पाए जाने के साथ-साथ अलग-अलग चीजो में इसका इस्तेमाल होंने से market में इसकी काफी डिमांड होती है. 
  • अगर आप सुपारी की खेती करना चाहते हैं तो बता दे कि इसकी खेती के लिए चिकनी और दोमट मिट्टी सबसे अच्छी होती लेकिन किसी भी तरह के जमीन में आप इसकी खेती कर सकते हैं. 
  • हालांकि सुपारी की खेती में मुनाफा कमाने के लिए आपको 5-8 साल तक फल लगने का इंतजार करना होगा.
  • इसकी खेती के लिए 25-35 डिग्री सेंटीग्रेट टेम्परेचर काफी अच्छा माना जाता है. 

लेमन ग्रास की खेती  | Lemon Grass Farming  

लेमन ग्रास की खेती
  • लेमन ग्रास को चाइना ग्रास, नींबू घास और मालाबार घास जैसे कई नामों से जाना जाता है. 
  • दरसल इसकी पत्तियों में से नींबू जैसी सुगंध आती है इसलिए इसका इस्तेमाल चाय बनाने में भी किया जाता है. 
  • इस घास से सिट्रल नाम का तेल प्राप्त होता है जिससे औषधियों बनाने के साथ-साथ साबुन, इत्र और कई सौंदर्य प्रसाधन भी बनाए जाते हैं. 
  • इसलिए पिछले कुछ समय से लेमन ग्रास की मांग बढ़ रही है. 
  • लेमन ग्रास की खेती से आप कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं. 
  • सबसे अच्छी बात यह कि इसके पौधों को धान के तरह नर्सरी में  लगाकर रोपाई की जाती है. 
  • रोपाई करने के बाद फसल तैयार हो जाने पर आप 3 साल से भी ज्यादा समय तक बार-बार कमाई कर सकते हैं.
  • बता दे कि झारखंड के खूंटी , लातेहार और चतरा जिले में किसान इसकी खेती कर रहे हैं. 
  • लेमन ग्रास की खेती में आप प्रति एकड़ 2 लाख रु. से ज्यादा की कमाई कर सकते हैं. 

लहसुन की खेती  | Garlic Farming  

Lahasun ki kheti
  • अगर आपके पास एग्रीकल्चर से जुड़े बिजनेस करने के लिए खेत हैं तो आप लहसून की खेती करके सालाना मोटी कमाई कर सकते हैं. 
  • लहुसन की खेती करने के लिए लागत की बात करें तो एक हेक्टेयर जमीन के लिए बीज खरीदने पर 1 लाख रु. का लागत आता है.  प्रति हेक्टेयर में आप 13 टन लहसुन उपज प्राप्त कर सकते हैं. 
  • अगर लहसुन का भाव 40 रु. प्रति Kg मानकर चले तो 13 टन लहुसन से आप 5.2 लाख रु. की कमाई कर सकते हैं. 
  • बता दें कि लहसुन की खेती करने के लिए न तो ज्यादा गर्म मौसम होना चाहिए और न ही ज्यादा ठंड.
  • ऐसे में अक्टूबर का महीना इसकी खेती करने के लिए सबसे सही रहेगा. 

सर्पगंधा की खेती  | Sarpagandha Ki Kheti  

सर्पगंधा की खेती
  • सर्पगंधा औषधीय गुणों से भरपूर होता है. इसलिए इसका इस्तेमाल अनिद्रा, पेट के कृमि , उन्माद , उच्च रक्तचाप और मानसिक तनाव से छुटकारा पाने के लिए दवाए बनाने में किया जाता है. 
  • Market में आयुर्वेदिक दवाओं की मांग बढ़ने के कारण सर्पगंधा जैसे औषधीय पेड़-पौधों की मांग भी बढ़ गई है. 
  • ऐसे में अगर आप सर्पगंधा का Agriculture Business शुरू करते हैं तो यह भी आपके लिए लाभदायक बिजनेस आईडिया साबित हो सकता है. 
  • सर्पगंधा की खेती आप इसके बीज या कलम से कर सकते हैं. 
  • फसल की रोपाई कर देने के 2-3 साल ये खुदाई के लिए तैयार हो जाते हैं. 
  • प्रति एकड़ भूमि से आप 7-8 क्विंटल सुखी जड़ें और 30 Kg तक बीज प्राप्त कर सकते हैं. 
  • Market में ये बीज 3-4 हजार रु. kg के भाव से आसानी से बिक जाते हैं.  

टमाटर की खेती | Tomato Farming  

टमाटर की खेती
  • टमाटर का इस्तेमाल रसोई में सब्जियां बनाने के अलावा चाट , चटनी और टोमैटो सॉस बनाने में भी किया जाता है. 
  • सब्जियों का जायका बढ़ाने के साथ-साथ टमाटर हमारे सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है क्योकि इसमे आयरन, विटामिन A , विटामिन C और फाइबर तथा कैल्शियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. 
  • टमाटर की खेती करने के लिए रेतीली दोमट , लाल दोमट और काली दोमट मिट्टी सबसे अच्छी होती है.
  • अगर आप अच्छी टमाटर की अच्छी किस्मो से इसकी खेती करते हैं तो आप साल भर में प्रति एकड़ 5-6 लाख रु. का फायदा बड़ी आसानी से कमा सकते हैं. 
  • इसके अलावा अगर आप अपने पैदा किए हुए टमाटर से टोमैटो सॉस , खटाई वगैरह बनाने का बिजनेस भी शुरू करते हैं तो आपकी यह कमाई डबल हो जाएगी. 

इसके अलावा आप ये Agriculture Business भी शुरू कर सकते हैं- 

  • अनानास की खेती  | Ananas Ki Kheti  
  • काले धान की खेती   | Black Rice Farming  
  • दालचीनी की खेती   | Dalchini Ki Kheti  
  • लौंग की खेती कैसे करें, यहां जानें Long Ki Kheti  
  • Black Guava Farming: काले अमरूद की खेती
  • पुदीना की खेती  , Pudina Ki Kheti  
  • जैतून की खेती   Olive Farming  
  • आंवला की खेती   | Amla Ki Kheti  
  • स्ट्रॉबेरी की खेती की   | Strawberry Ki Kheti  
  • महोगनी की खेती | Mahogany Ki Kheti
  • शहतूत की खेती  | Mulberry Cultivation  
  • अंगूर की खेती  | Angur Ki Kheti  
  • रजनीगंधा की खेती   | Rajanigandha Farming  
  • मोती की खेती | Moti Ki Kheti 
  • चीकू की खेती | Sapodilla Farming  
  • नर्सरी का बिजनेस| Plant Nursery Business  
  • सेम की खेती | Sem Ki Kheti  
  • बरसीम की खेती   | Berseem Ki Kheti
  • अरंडी की खेती  | Castor Farming  
  • नींबू की खेती   | Nimbu Ki Kheti  
  • बैंगन की खेती | Brinjal Farming  
  • सनई की खेती   | Sanai Ki Kheti
  • तरबूज की खेती   | Tarbooj Ki Kheti  
  • सिंघाड़ा की खेती   | Singhara Ki Kheti  
  • जौ की खेती | Jau Ki Kheti
  • आम की खेती   | Mango Farming 
  • मटर की खेती  | Pea Farming 
  • गन्ना की खेती| Sugarcane Farming 
  •  लाल मूली की खेती | Lal Muli Ki Kheti
  • चने की खेती| Chane Ki Kheti 
  • पान की खेती| Pan Ki Kheti 
  • अजोला की खेती | Azola Ki Kheti 
  • जड़ी-बूटी की खेती का व्यवसाय 
  • चाउ चाउ सब्जी की खेती | Chow Chow Vegetable Farming 
  • जायफल की खेती | Nutmeg Cultivation 
  • फूलगोभी की खेती | Cauliflower Cultivation 
  • ज्वार की खेती | Jowar Farming 
  • पचौली खेती | Patchouli Farming 
  • एप्पल बेर की खेती | Apple Ber Cultivation 
  • ब्लूबेरी की खेती | Blueberry Farming 
  • शकरकंद की खेती कैसे करे| Sweet Potato Cultivation 
  • सिट्रोनेला खेती कैसे करे | Citronella Cultivation 

एग्रीकल्चर बिजनेस कैसे शुरू करें?

एग्रीकल्चर बिजनेस को शुरू करने से पहले आपको कुछ इम्पोर्टेन्ट काम करना होता जिनकी जानकारी आगे दी जा रही है- 

Market रिसर्च 

एग्रीकल्चर बिजनेस यू तो बहुत आसान नही होता है क्योकि इसमे काफी मेहनत करनी पड़ती है. 

आपका यह मेहनत बर्बाद न हो और आपको आपके काम का अच्छा प्रॉफिट मिले इसलिए आपको अपने Market का रिसर्च कर लेना चाहिए. 

अगर आप इस काम को कर लेते हैं तो आपको अपने बिजनेस के बारे में प्रॉपर नॉलेज मिल जाएगा और आप ये भी समझ जाएगे कि आपके कंपटीटर कौन-कौन हैं , वो अपने बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए क्या कर रहे हैं और आपको क्या करना चाहिए. 

अगर आप Market रिसर्च करते हैं तो आपको इन सवालों के जवाब भी मिल जाएगे- 

  1. आपके बिजनेस का फ्यूचर कैसा होगा. 
  2. कस्टमर किस तरह के प्रॉब्लम से जूझ रहे हैं? और आप उन्हें क्या नया दे सकते हैं? 
  3. आप खुद को Market में किस नजरिए से देखेगे? 

बिजनेस प्लान बनाए 

किसी भी बिजनेस की शुरुआत में अच्छी प्लानिंग एक खास रोल अदा करता है. सही प्लानिंग और स्ट्रेटेजी किसी भी चीज को ऊचांइयों तक ले जा सकती है. 

इसलिए किसी भी एग्रीकल्चर बिजनेस को शुरू करने से पहले एक प्रॉपर बिजनेस प्लान जरूर बना लें. 

बिजनेस प्लान को अपने दिमाग में ही नहीं सोचते रहे ,बल्कि इसे किसी नोट बुक में लिखें ताकि आपके दिमाग पर ज्यादा लोड न पड़े और आप एक अच्छा बिजनेस प्लान तैयार कर सके. 

चेक करें क्या है एग्रीकल्चर बिजनेस को शुरू करने के कायदे-कानून 

आप जिस भी एग्रीकल्चर बिजनेस को शुरू करने वाले हैं उसके बारे में आपको सभी जानकारी ले लेनी चाहिए और सरकार के बनाए नियमो का पालन भी करना चाहिए. 

कहीं जाने अनजाने में आपका बिजनेस अवैध काम के तहत इलीगल घोषित न कर दिया जाए. 

आमतौर पर आपको डिस्ट्रीब्यूशन अरेंजमेंट, प्राइस सेटिंग , एडवरटाइजिंग , वर्कफोर्स मैनेजमेंट जैसे चीजो की जानकारी लेनी होगी. 

आगे कुछ कायदे-कानून की जानकारी दी जा रही है- 

  • Indian Contract Act, 1872 (भारतीय अनुबंध अधिनियम, 1872)
  • Factories Act, 1948 (कारखाना अधिनियम, 1948)
  • Minimum Wages Act, 1948 (न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, 1948)
  • The Companies Act, 1956 (कंपनी अधिनियम, 1956)
  • Trade and Merchandise Marks Act, 1958 (ट्रेड एंड मर्चेंडाइज मार्क्स एक्ट, 1958)
  • Monopolies and Restrictive Trade Practices Act, 1969 (एकाधिकार और प्रतिबंधित व्यापार व्यवहार अधिनियम, 1969)
  • The water (Prevention and Control of Pollution) Act, 1974 [जल (प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम, 1974]
  • The Air (Prevention and Control of Pollution ) Act, 1981 (वायु (प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम, 1981)

ये कुछ मुख्य कायदे-कानून है जो एग्रीकल्चर बिजनेस को करने के लिए ध्यान में रखने चाहिए. 

अपने बिजनेस को रजिस्टर करें और लाइसेस बनवाए. 

अब आपको अपने एग्रीकल्चर बिजनेस को रजिस्टर कराकर लाइसेंस बनवाना होगा. 

आप proprietorship, लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप, प्राइवेट लिमिटेड या पब्लिक लिमिटेड कंपनी के तौर पर अपने बिजनेस को रजिस्टर करा सकते हैं. 

किसी भी कंपनी को रजिस्टर कराने के लिए इन स्टेप को फॉलो किया जाता है- 

  1. डिजिटल सिग्नेचर सर्टीफिकेट प्राप्त करना . 
  2. डायरेक्टर आइडेंटिफिकेशन नंबर बनवाना 
  3. eForm या New User रजिस्ट्रेशन का फॉर्म भरना. 
  4. कंपनी को इनकॉरपोरेट करना. 
  5. अब रजिस्ट्रेशन हो जाने के बाद आपको लाइसेंस मिल जाएगा. 

लोग अक्सर यह क्वेश्चन पूछते हैं

सबसे ज्यादा फायदेमंद एग्रीकल्चर बिजनेस कौन सा है?

बिजनेस आइडियाज के इस लिस्ट में हमने आपको सबसे फायदेमंद एग्रीकल्चर बिजनेस आइडियाज के नाम ही बताए हैं लेकिन आज के इस दौर में डेयरी फार्मिंग, ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर बिजनेस . मेडिकल हर्बल का बिजनेस और मिट्टी टेस्टिंग सेंटर का बिजनेस बहुत ही फायदेमंद है . 

क्या हम सभी बिजनेस को अपने गांव में शुरू कर सकते हैं? 

जी हां , इस लिस्ट में बताएंगे किसी भी बिजनेस को आप अपने गांव में शुरू कर सकते हैं.

क्या एग्रीकल्चर बिजनेस स्टार्ट करने के लिए किसी लाइसेंस की जरूरत होगी? 

किसी भी एग्रीकल्चर बिजनेस को स्टार्ट करने के लिए लाइसेंस की जरूरत होगी या नहीं. यह बिजनेस साइज और उसके नेचर पर डिपेंड करेगा. 

उदाहरण के लिए आप फर्टिलाइजर डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस को बिना किसी सरकारी परमिशन के शुरू नहीं कर सकते हैं. इसके लिए आपको लाइसेंस की जरूरत पड़ेगी.

अगर हमारे पास जमीन नहीं है तो एग्रीकल्चर से जुड़े बिजनेस कैसे करें?

आपके पास एग्रीकल्चर से जुड़े बिजनेस करने के लिए प्रॉपर जमीन नहीं है तो आप किसी अच्छी जगह पर जमीन किराए पर ले सकते हैं और फिर जब आप अपने बिजनेस से प्रॉफिट कमाने लग जाए तो खुद की जमीन खरीद सकते हैं.

एग्रीकल्चर बिजनेस शुरू करने के लिए लोन कैसे लें?

अगर आप ऐसा बिजनेस करना चाहते हैं जिसमें आपके पास पर्याप्त पैसे नहीं है और आपको एक्स्ट्रा पैसों की जरूरत है तो आप अपने पसंदीदा बैंक में बिजनेस लोन के लिए अप्लाई करके लोन ले सकते हैं. 

[निष्कर्ष ]

आज के इस आर्टिकल में हमने आपको Agriculture Business Ideas In Hindi के अंतर्गत Best Agricultural Business Ideas के नाम भी बताए हैं. 

उम्मीद करते हैं इस पोस्ट में दी गई जानकारी आपको पसंद आई होगी और आपको काफी कुछ सीखने को मिला होगा. 

लेकिन इस पोस्ट में हमने आपको खाली बिजनेस आइडियाज की ही जानकारी दी है. किसी एक या सभी बिजनेस के आइडिया के बारे में डिटेल में बताने लग जाते तो यह पोस्ट बहुत लंबा हो जाता और आपको पढ़ने में बिल्कुल भी मजा नहीं आता.   

इसलिए अगर आप इस पोस्ट में दिए गए किसी भी बिजनेस को शुरू करना चाहते हैं तो उसके बारे में आपको इंटरनेट से पूरी जानकारी लेनी चाहिए. 

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