Marine Insurance Policy In Hindi 2022

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समुद्री रास्तों के जरिए ट्रांसपोर्टेशन का काम करना कठिन और रिस्की होता है. 

क्योकि समुद्रों में अक्सर बड़ी-बड़ी लहरे या समुद्री हवाएं आती रहती है. 

ऐसे में Marine Insurance करवाना बेहद जरूरी हो जाता है. ताकि किसी भी दुर्घटना से होने वाले नुकसान की भरपाई की जा सके. 

सो , अगर आप जानना चाहते हैं कि ये marine insurance policy in hindi क्या होता है और इसके किस तरह प्लान है. 

तो आज के इस पोस्ट में हम आपको यही बताने वाले हैं. 

Contents

Marine Insurance Meaning in Hind|Marine Insurance क्या है?

दोस्तों , Marine का मतलब होता है , समुन्द्र और Insurance का मतलब तो आप जानते हैं. 

तो marine insurance meaning in hindi में मतलब हुआ समुद्र के रास्ते आने-जाने वाले जहाज और उसमे लदे माल का इन्सुरेंस. 

Merice Insurence In Hindi इसलिए कराया जाता है क्योकि समुद्र से होते हुए हुई रोजाना लाखो-करोड़ो का माल लाया ले जाया जाता है. 

और समुद्री जहाजो को अक्सर तूफानी हवा , बड़ी-बड़ी लहरों या बर्फीली चट्टानों का सामना करना पड़ता है. 

जहाज में रखे माल बहुत कीमती होते हैं, इस वजह से व्यापारी को डर बना रहता है कि कहीं किसी तरह का कोई समुद्री दुर्घटना न हो जाए नहीं तो मेरा लाखो का नुकसान हो जाएगा. 

इसलिए व्यापारी लोग पहले से अपने माल या जहाज का Insurance करा लेते हैं ,इसे ही अंग्रेजी में  Marine Insurance कहते हैं. 

यह इन्सुरेंस तीन तरह का होता है. 

कौन-कौन से हैं Marine Insurance के प्रकार- 

1. जहाज का इन्सुरेंस (Ship Insurance) 

यह इन्सुरेंस जहाज के मालिक को करवाना होता है. अगर किसी समुद्री दर्घटना में जहाज को नुकसान पहुचाता है तो बीमा करने वाले कंपनी अपने Terms & Condition के अनुसार इस नुकसान की भरपाई करती है. 

2. जहाज में लदे माल का इन्सुरेंस (Cargo Insurance) 

जिस तरह समुद्री दर्घटना से होने वाले नुकसान की भरपाई करने के लिए जहाज मालिक पहले से अपने जहाज का इन्सुरेंस करा कर रखता है उसी तरह जहाज में लदे समान के व्यापारी को भी अपने माल की चिंता होती है इसलिए सामान मालिक जहाज में लड़े माल का बीमा कराता है. 

3. भाड़ा का इन्सुरेंस 

अगर आप किसी व्यक्ति से कोई प्रोडक्ट मंगाते हैं और वह सही कंडीशन में आपके पास नहीं पहुंचेगा तो आप उसे लौटा देगे. 

लेकिन प्रोडक्ट भेजने वाले व्याक्ति को आप तक पहुचाने में जो भाड़ा लगा उसे इसका नुकसान तो उठाना ही पड़ेगा. 

इसीलिए समुद्री व्यापारी भाड़ा का भी बीमा करा लेते हैं. 

Marine इन्सुरेंस में क्या-क्या कवर किया जाता है?

कार्गो की आवाजाही हर कस्टमर के लिए एक जैसी नहीं होती है। 

इसलिए अलग-अलग कस्टमर को अपने जरूरत के हिसाब से अलग -अलग इन्सुरेंस करवाने की जरूरत होती है.  

लेकिन कुछ ऐसी कॉमन चीजें हैं जो Marine Insurance Plan में हर कस्टमर के लिए कवर की जाती है-  

  • डूबना, फँसाना, आग, विस्फोट
  • माल की लोडिंग या अनलोडिंग में हुआ नुकसान 
  • टक्कर, पलटना, पटरी से उतरना, दुर्घटना
  • टोटल नुकसान कवरेज
  • भूकंप या बिजली
  • प्राकृतिक आपदाएं
  • अप्रत्याशित प्रशासनिक खर्च
  • जेटीसन या धुलाई ओवरबोर्ड
  • सामान्य औसत

यह इन्सुरेंस और भी कई चीजों के तहत कवरेज देता है. आइए उन्हें समझते हैं:

वॉयेज पालिसी : 

इन्सुरेंस की समय-सीमा किसी यात्रा तक ही फिक्स होती है. अगर माल एक जगह से दूसरे जगह तक सुरक्षित पहुंच जाता है तो इसके बाद बीमा पॉलिसी का समय खत्म हो जाता है.  

इसलिए इस तरह के इन्सुरेंस पॉलिसी को यात्रा पॉलिसी या वॉयेज पॉलिसी कहते हैं. 

टाइम पॉलिसी: 

कई बार, ऐसा होता जब कस्टमर को किसी एक खास समय बस के लिए ही इन्सुरेंस की सर्विस लेना होता है . तो ऐसे कवरेज टाइम को टाइम पॉलिसी कहते हैं.  

मिक्स पॉलिसी:  

जब Marine Insurance पॉलिसी किसी निश्चित जगह और टाइम तक के लिए कवरेज देती है,तो इसे मिक्स पॉलिसी कहा जाता है। 

यह कस्टमर को जहाज की आवाजाही और जहाज के अंदर कार्गो से जुड़े अनिश्चितताओं को हैंडल करने के लिए फ्लेक्सिबिलिटी देता है।

सिंगल वेसल पॉलिसी:  

जिन जहाज मालिको के पास सिर्फ एक जहाज है उनके लिए यह एक बेस्ट पॉलिसी है. क्योकि इसमें खर्च भी ज्यादा नहीं करने पडते हैं और कवरेज भी बढ़िया मिल जाता है.  

फ्लीट पॉलिसी:  

जिन जहाज-मालिकों के पास बहुत सारे जहाज (जहाजों का बेड़ा) हैं, तो उनके फ्लीट पॉलिसी उनके बजट के हिसाब से बेस्ट है.  

फ्लोटिंग पॉलिसी:  

फ्लोटिंग पॉलिसी शिपिंग लाइन को निरंतर आधार पर जारी की जाती है। केवल निर्दिष्ट विवरण पॉलिसी में अधिकतम बीमा राशि है। जब जहाज अपनी यात्रा शुरू कर देता है तो फिर अन्य सभी डीटेल बीमा कंपनी को दिया जाता है.  

जो कार्गो व्यापारी रोजाना जिन्हें शिपिंग लाइन के माध्यम से माल ट्रांसपोर्ट करते रहते हैं उनके लिए यह बेस्ट Marine इन्सुरेंस पॉलिसी है.  

इस पॉलिसी के जरिए व्यापारी अपना टाइम और मनी दोनों बचा सकता है.  

अनवैल्यूड पॉलिसी:  

समुद्री कार्गो पॉलिसी लेते समय आमतौर पर कार्गो का कीमत बताया जाता है. 

हालांकि, कार्गो को अपलोड करने से पहले माल और भाड़ा  के कीमत को डिफाइन नहीं होता है, तो अनवैल्यु पॉलिसी लागू की जाती है। इसे ओपेनलोड पॉलिसी भी कहते हैं। अगर  भाड़े से जुड़े बातों और फैक्ट का वेरिफकेशन हो जाता है तो क्लेम करने पर वैल्यू को मेंशन कर दिया जाता है.  

वैल्यू पॉलिसी:  

जब भाड़े के कीमत के संबंध में कोई डाउट नहीं होता है, तो कार्गो Marine Policy करवाने के दौरान इसके बारे में बता दिया जाता है.

किसी भी तरह का क्लेम करने पर, प्रतिपूर्ति की राशि पॉलिसी में बताए गए कीमत तक ही सीमित होता है, जो पॉलिसी के दूसरे Term & Condition के अधीन होता है।

ब्लॉक पॉलिसी:  

अपने मंजिल तक पहुंचने से पहले कार्गो की आवाजाही में रेल, सड़क, पानी और एयर मोड शामिल हैं। 

इस पूरी यात्रा में कार्गो को कवर करने के लिए, ब्लॉक पॉलिसी सबसे बेस्ट है। 

अगर इस यात्रा के दौरान किसी भी समय किसी भी तरह का नुकसान होता है तो, आवेदक को बीमा पॉलिसी के तरह राशि दी जाएगी।

Marine Insurance पॉलिसी कैसे काम करता है ? 

Marine इन्सुरेंस करने की जरूरत इसलिए पड़ती है क्योकि जब आपका कोई माल समुद्र के रास्ते जा रहा हो तो इसके नुकसान होने पर भी आपको कोई नुकसान न हो. और आप टेंशन फ्री रहे. 

आइए समझते हैं कि यह कैसे काम करता है:

  • शामिल जोखिमों और किसी भी घटना के मामले में आपको होने वाली नुकसान के संबंध में अपनी जरूरतो को जाने और परखे 
  • जब आप Marine इन्सुरेंस करने के लिए अपनी जरूरत की लिस्ट तैयार कर तो इसके बाद, इन्सुरेंस कंपनियों के पॉलिसी की  जाँच करें और तुलना करें कि आपके जरूरत के हिसाब से सबसे अच्छा सौदा किस कंपनी का इन्सुरेंस लेने में होगा. 
  • अपनी प्लान जीरो करने के बाद, पॉलिसी खरीदने के लिए डाक्यूमेंट्स प्राप्त करें
  • इन्सुरेंस के तहत कोई भी भी दर्घटना होने पर इसका बेनिफिट उठाने के लिए तुरंत अपने इन्सुरेंस एजेंट को बताए.  
  • सभी जरूरी डॉक्यूमेंट , प्रूफ और सर्टिफिकेट के साथ विधिवत भरा हुआ दावा प्रपत्र जमा करें
  • अगर इन्सुरेंस के  Term & Condition के हिसाब से आपका यह दावा सही माना जाता है, तो आपको इसका बेनिफिट मिलेगा , नहीं तो इसे खारिज कर दिया जाएगा

Marine इन्सुरेंस के लिए क्या योग्यता होना चाहिए? 

 वो लोग जो इनमे से वो लोग जो माल की आवाजाही से जुड़े किसी भी व्यवसाय में है, Marine इन्सुरेंस के लिए योग्य है-  

  • मैन्युफैक्चरर 
  • खरीद एजेंट
  • खरीदार 
  • आयात/निर्यात व्यापारी 
  • सेलर 

Marine Insurence का लाभ लेने के लिए क्लेम करने का प्रोसेस  

इस बीमा को खरीदने के बाद, अगर ऐसा सिचुएशन आता है  जब आपको पॉलिसी के तहत इसका लाभ लेने के लिए क्लेम करने की जरूरत होती है, तो आप नीचे दिए गए स्टेप को फॉलो कर सकते हैं-  

  • माल या जहाज का नुकसान होने पर , तुरंत अपने बीमा एजेंट को इसकी जानकरी दे.  
  • बीमा कंपनी का एक सर्वेक्षक आपके हुए नुकसान का जांच-पड़ताल करेगा. 
  • क्लेम करने के लिए सभी सबूतों और गवाहों को विधिवत भरे हुए दावे के साथ जमा करना होगा 
  • गुम पैकेज के लिए, बीमाधारक को अपने बीमा एजेंट के साथ मोनेटरी दावा दर्ज करना होगा और इसके लिए पावती लेना होगा. 
  • अगर इन्सुरेंस एजेंट को मामला ठीक लगता है, तो वह दावे को एक्सेप्ट कर लेगा. नहीं तो वह इसे खारिज कर देगा

अगर आपके इस  मामले को खारिज कर दिया है और आप इससे संतुष्ट नहीं हैं, तो आप अदालत में जा सकते हैं

क्लेम करने के लिए इम्पोर्टेन्ट डाक्यूमेंट्स  

समुद्री बीमा के तहत दावा करने और बेनिफिट लेने के लिए आपको सही दस्तावेज जमा करने होंगे. 

अपनी बातों को साबित करने के लिए अगर आप किसी भी तरह से कोई गलती करते हैं, तो आपखे मामले को को खारिज किया जा सकता है  क्लेम करने के लिए कुछ इम्पोर्टेन्ट दस्तावेज इस तरह से है-  

  • विधिवत भरा हुआ दावा प्रपत्र
  • पॉलिसी नंबर के साथ मूल बीमा प्रमाणपत्र
  • बिलिंग लदान की प्रति
  • सर्वेक्षण रिपोर्ट या गुम प्रमाण पत्र
  • मूल चालान, पैकिंग सूची, शिपिंग विनिर्देश
  • पत्राचार की प्रतियों का आदान-प्रदान

Marine इन्सुरेंस में बहिष्करण किसे कहते है?

Marine इन्सुरेंस कराने के बाद  हर कस्टमर को इन्सुरेंस प्लान के मुताबिक अलग-अलग बेनिफिट मिलते हैं. 

लेकिन Marine बीमा में कुछ ऐसे सिचुएशन में पॉलिसी कवर नहीं किया जाता है. इन्हें बहिष्करण भी कहा जाता है। जैसे की-

  • जानबूझकर नुकसान कर लेना फिर समुद्री बीमा का लाभ लेने के लिए क्लेम करना.  
  • हड़ताल, दंगा, युद्ध
  • कार्गो की खराब पैकेजिंग 
  • देरी
  • कार्गो का सामान्य रिसाव या टूट-फूट
  • शिपिंग लाइन का दिवाला
  • मलबे को हटाना

समुद्री बीमा सर्विस देने वाली कंपनियां

हमारा इंडिया तीनो तरफ से पानी से घिरा हुआ है. इसीलिए यहां  इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट एक इम्पोर्टेन्ट बिजनेस फील्ड है. 

इन बंदरगाहों पर बहुत बड़ी संख्या में में कार्गो का मैनेजमेंट  किया जाता है, जिससे बीमा एक बेहद जरूरी चीज बन जाता है.  

Marine Insurance सर्विस देने वाली इंडियन कंपनी का नाम इस तरह से है- 

  • सभी प्रमुख बैंक 
  • TATA AIG 
  • Bharti AXA  
  • यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी
  • HDFC Erog
  • न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड
  • Royal Sundaram

Marine इन्सुरेंस कराने के लाभ

कार्गो और समुद्री रास्ते से जुड़े बिजनेस को करते समय, Marine इन्सुरेंस करना बेहद समझदारी का काम है. इस बीमा को खरीदने के कुछ फायदे इस तरह से  हैं:

  • बीमा होने से आपके बिजनेस को फाइनेंसियल मजबूती मिलती है.  
  • जब आप Marine Insurance करा लेते हैं तो आप बेफ्रिक हो जाते है.  जिससे आपको Business करने में बहुत हेल्प मिलता है. 
  • अगर माल के ट्रांसपोर्टेशन में किसी तरह कोई नुकसान हो गया तो उसकी भरपाई की जा सकती है.  
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