ब्याज पर पैसा देने के नियम क्या है: ब्याज का धंधा शुरू करने से पहले जान ले ये 3 कानूनी नियम

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ब्याज पर पैसा देने के नियम क्या है और ब्याज का धंधा कैसे करें – लोगों को Loan पर पैसे देने का बिज़नेस कैसे करें और ब्याज पर पैसे देने के लिए license कैसे लें

इंसान की तीन जरूरते हैं- कपड़ा, रोटी और मकान और इन तीनों चीजों की पूर्ति एक चीज से हो सकती है और वो है पैसा। 

आम आदमी के साथ अक्सर ऐसा होता है कि बाकी समय तो पर्याप्त पैसे होते हैं लेकिन जरूरत के समय में ही पैसे की किल्लत होती है। 

ऐसी परिस्थियों में लोगों को पैसे की कमी खूब खौलती है और उस समय ऐसा लगता है कि काश! कहीं से थोड़े और पैसों का बंदोबस्त हो जाता तो मेरा ये काम हो जाता।  

ऐसे में आप जरूरतमंद लोगों की मदद करने के साथ ही ब्याज पर पैसे देकर अपना बिजनेस शुरू सकते हैं।

ऐसे बहुत सारे लोग हैं जो पहले से ही ब्याज पर पैसा देने के नियम को अपना करके इस बिजनेस से कानूनी तौर पर अच्छी-ख़ासी मोटी कमाई कर रहें हैं। 

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आप भी इस बिजनेस को कर सकते हैं। बस, इसके लिए आपको कुछ बेसिक जानकारी होना चाहिए ताकि आपको ब्याज पर पैसे देने के बिजनेस को करने में किसी तरह की कोई परेशानी का सामना न करना पड़े। 

तो आइये जानते हैं कि ब्याज पर पैसे देने के क्या नियम हैं?

Contents

ब्याज पर पैसा देने के नियम 3 कानूनी नियम

ब्याज पर पैसे देने के नियम बहुत ही आसान है। भारतीय के संविदा अधिनियम 1872 के अनुसार अगर आप कानूनी तरीके से ब्याज का धंधा करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको निम्न नियम का पालन करना चाहिए-

नियम 1:– 

संविदा अधिनियम 1872 के धारा 10 के अनुसार अगर आप किसी भी व्यक्ति को  ब्याज पर पैसे देते हैं तो इसके लिए आपको कर्ज लेने वाले से लिखित एग्रीमेंट ले लेना चाहिए जिसमे कर्ज के रूप में लिए गए रूपये, रूपये लेने का मकसद, रूपये वापसी करने की तिथि और ब्याज दर आदि का स्पष्ट उल्लेख हो। 

नियम 2:- 

संविदा अधिनियम 1872 के धारा 11 के अनुसार ब्याज पर पैसा देने के नियम यह है कि आप जिस भी व्यक्ति को पैसा ब्याज पर देना चाहते हैं वह व्यक्ति वयस्क होना चाहिए। यदि कर्ज लेने वाला व्यक्ति  नाबालिग पाया जाता है तो आपका पैसा शून्य माना जाएगा। 

इसके अतिरिक्त जिस भी व्यक्ति को आप ब्याज पर पैसा दे रहें हैं वह नशे की स्थिति में नहीं होना। क्योकि इस स्थिति में भी आपका पैसा शून्य माना जाएगा और इसकी वसूली में सरकार आपकी कोई मदद नहीं कर सकती है। 

नियम 3:-

संविदा अधिनियम 1872 के धारा 23 के अनुसार ब्याज पर पैसा देने के तीसरा नियम यह है कि अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति को पैसा देते हैं जो उस पैसे से 

कोई अवैध काम करता है तो ऐसी स्थिति में उस अवैध काम में आपको भागीदार माना  जाएगा और इसके लिए आपको दंडित भी किया जा सकता है। 

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ब्याज का धंधा कैसे करें

ब्याज पर पैसा देने के नियमो का पालन करके आप बड़े आसानी से इसका धंधा शुरू कर सकते हैं। लेकिन इस बिजनेस को शुरू करने के लिए आपके पास कुछ योग्यता होनी चाहिए तभी आप इस बिजनेस को शुरू कर सकते है-

ब्याज पर पैसा देने के बिजनेस को शुरू करने के लिए योग्यता 

वैसे तो आप इस बिजनेस को इन योग्यताओ के बिना ही शुरू कर सकते है लेकिन अगर आप इस बिजनेस को कानूनी तरीके से करना चाहते है तो इसके लिए आपके पास इसका लाइसेन्स होना चाहिए और लाइसेन्स लेने के लिए निम्न योग्यता की मांग की जाती है-

  • 10वी पास 
  • 18 वर्ष से अधिक की उम्र 
  • आवेदक संबंधित जिला का निवासी होना चाहिए। 

अगर आपके पास तीनों ही योग्यता है तो फिर आप money lending certificate या साहूकारी लाइसेंस के पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। 

साहूकारी प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने हेतु आवश्यक दस्तावेज़ 

money lending certificate (ब्याज का लाइसेंस) प्राप्त करने के लिए आप अपने जिले के पुलिस थाना या जिला न्यायालय में आवेदन कर सकते हैं इसके लिए आपके पास निम्न दस्तावेज़ होना चाहिए- 

1. Identity proof  {निम्न में से कोई एक}

  • Ration card
  • या Adhar card 
  • या voter id 

2. Residential address {निम्न में से कोई एक}

  • Ration card
  • या Pan card 
  • या Adhar card 
  • या Government id proof 

3. Age proof certificate  {निम्न में से कोई एक}

  • Birth certificate 
  • या Marksheet 

4. Education detail 

  • 10 pass 

5. Bank account detail 

6. Electricity bill invoice

Application form // Download money lending application form in pdf 

अगर आपके पास ये सभी दस्तावेज़ है तो फिर आप किसी एडवोकेट या सीए की मदद से जिला न्यायालय से साहूकारी प्रमाण पत्र बनवा सकते हैं। इस लाइसेन्स को बनवाने में आपको 10 रूपये के आस-पास का खर्चा आ सकता है। 

एक बार जब आप यह लाइसेन्स बनवा लेते हैं तो फिर कानूनी तौर पर ब्याज पर पैसा देने के बिजनेस को शुरू कर सकते हैं। 

ब्याज पर पैसा देने के बिजनेस में कितना रखे ब्याज दर 

ब्याज दर का निर्धारण आपके ऊपर होगा कि आप कितने ब्याज दर पर पैसे देते हैं। आप किसी भी व्याज दर पर पैसे उधार दे सकते हैं। इसमे आपको कोई रोक-टोक नहीं रहेगा। 

 लेकिन शुरू-शुरू में ब्याज दर कम ही रखे तो अच्छा होगा इससे ब्याज लेने के लिए ज्यादा से ज्यादा लोग आपकी ओर आकर्षित होगें । 

अगर ब्याज निर्धारित करने में आपको दिक्कत आ रही है तो आप अपना ब्याज दर RBI के अनुरूप रख सकते है। 

जैसे-जैसे आपका अनुभव बढ़ता जाय फिर आप अपनी समझ के अनुसार ब्याज दर फिक्स कर सकते हैं। 

साहूकारी प्रमाण पत्र रिन्यू कराये 

एक साल बाद आपको अपने लाइसेन्स को रिन्यू कराना होगा। इस बार आपको केवल 3-5 हजार रूपये  के आस-पास खर्च आएगा। 

ब्याज पर पैसा देने के बिजनेस में फायदा 

हर चीज के दो पहलू होता है एक सकारात्मक तो दूसरा नकारात्मक। बिजनेस के शब्दों में इसे फायदा और नुकसान के नाम से जानते हैं। 

वैसे तो व्याज पर पैसा देने के बिजनेस में कई फायदे हैं। उनमे से कुछ फ़ायदों की जानकारी नीचे दी जा रही है-

दूसरों की मदद:- 

ब्याज पर पैसा देने के बिजनेस को करके आप एक प्रकार से दूसरों की मदद भी कर रहे होते हैं। आपको इसका लाभ अप्रत्यक्ष रूप से मिलता है।  

मूलधन पर कमाई :-  

यह एक ऐसा बिजनेस है जिसमे आपको मूलधन पर पैसा मिलता है। और आपका यह पैसा समय के अनुसार बढ़ता रहता है। अर्थात्  ब्याज पर पैसा देने के बिजनेस में समय ही आपका पैसा है।  

ब्याज पर कमाई:- 

इस बिजनेस के जरिये कमाए हुए ब्याज को कर्ज के रूप में देकर आप ब्याज पर भी अतिरिक्त कमाई कर सकते हैं। 

अतः कहा जा सकता है इस बिजनेस में फायदा ही फायदा है। एक यह एक ऐसा बिजनेस है जिसमे आप पैसे से पैसे बनाते है। 

ब्याज पर पैसा देने के बिजनेस में नुकसान 

इस बिजनेस के दूसरे पहलू नुकसान की जानकारी नीचे दी जा रही है- 

पैसा डूबने का खतरा:- 

इस बिजनेस की खूबसूरती के ऊपर सबसे बड़ा धब्बा यही है कि अगर कर्ज लेने वाला पैसे वापस न कर पाये तो ब्याज तो मिलना दूर की बात पूंजी तक नहीं मिल पाता है।

लेकिन इसका भी एक समाधान है। 

ब्याज पर पैसा देने से पहले रखे इन बातों का ध्यान 

कर्ज लेने वाले का पिछला कर्ज विवरण देखें:-  

जिस व्यक्ति को आप कर्ज देना चाहते है तो कर्ज देने से पहले उस व्यक्ति:का पुराना कर्ज विवरण देखे कि क्या वह व्यक्ति जितने भी लोगों से कर्ज लिया था, उसका पैसा चुकता कर दिया है या नहीं।

 इस आधार पर आप निर्णय लेकर इस बात की पुष्टि कर सकते हैं कि संबंधित व्यक्ति आपका कर्जा चुकाएगा अथवा नहीं। 

अगर कर्ज लेने वाले व्यक्ति के ऊपर आपका विश्वास नहीं। फिर भी वह आपसे बहुत विनती करे कि उसे पैसों की सख्त जरूरत है तो ऐसी स्थिति में आप यह कदम उठाए।  

कीमती वस्तु गिरवी रखवाए :-

कर्ज देने के लिए आप उस व्यक्ति को कहे कि एक शर्त में मै तुम्हें कर्ज दे सकता है। इसके तुम्हें अपना कोई कीमती समान मेरे पास गिरवी रखना होगा जिसका मूल्य कर्ज के रूप में लिए जा रहे पैसे के बराबर हो। गिरवी रखने के लिए आप अपने सुविधा अनुसार जमीन अथवा सोना कुछ भी लें सकते हैं।

ब्याज के बिजनेस से जुड़े आमतौर पर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. ब्याज का लाइसेंस कैसे बनता है?

Ans: ब्याज पर पैसे देने /साहूकारी का प्रमाण पत्र जिला न्यालय अथवा पुलिस थान में आवेदन करने पर बन जाता है। 

Q2. ब्याज दर निकालने का सूत्र क्या है? 

Ans: ब्याज दर निकालने का सूत्र इस प्रकार होता है-
दर = ब्याज x 100 / मूलधन x समय

Q3. उधार दिया हुआ पैसा कैसे वापस ले?

Ans: उधार दिये हुये पैसे लेने के लिए उधार देते वक्त लिए हुये एग्रीमेंट के आधार पर पुलिस या कोर्ट में मुकदमा दर्ज करें । मुकदमें या पुलिस केस से बचने के चक्कर में संबंधित व्यक्ति आपको आपका पैसा वापस लौटा देगा।

ब्याज पर पैसा देने के नियम (निष्कर्ष) 

आपने देखा कि ब्याज पर पैसा देने का बिजनेस एक बहुत ही अच्छा बिजनेस हो सकता बशर्तें आप 

ब्याज पर पैसा देने के नियम (उधार देने के नियम) का पालन करते हो। 

अगर आप सही तरीका और ईमानदारी से काम करते हैं तो इस बिजनेस के जरिये आप अपने उम्मीदों से भी ज्यादा सफलता प्राप्त कर सकते हैं। 

मुझे यकीन ही नहीं, अपितु पूर्ण विश्वास है कि यह लेख आपके मददगार साबित हुआ है और इससे आपकी समस्याओ का समाधान भी हो गया है। 

तो मुझे comment करके अपनी ओर से बताइये कि आपको यह लेख कैसा लगा।

अच्छा या बहुत अच्छा।

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16 thoughts on “ब्याज पर पैसा देने के नियम क्या है: ब्याज का धंधा शुरू करने से पहले जान ले ये 3 कानूनी नियम”

  1. मैने एक साल पहले 10 हजार रु 600/m ब्याज पर उधर लिऐ थे उस रु को 1 साल मे लौटने थे उन्होंने कहा था ब्याज हर महीने देना होगा लेकिन वो ना ब्याज लेने आइए और ना ही पैसा अब 1साल बाद पैसे लेने आइए बिना सूचना दिए 6 महीने का ब्याज दे चुका अब फिर 6 महीने बाद आइए
    मैने उन से कहा मैं आप को महीने के महीने पैसे दे दूंगा बट वो सब पैसा एक साथ मांगते है और ब्याज का ब्याज मागते हैं ऐसा पैसे देते हुए नही कहा था जीतने दिन का ब्याज दे दोगे वो उतने दिन बाद फिर आयेगे ना की अगले महीने exampil 3 महीने का ब्याज दो तो वो 3 महीने बाद ही आयेगे ना की अगले महीने plz sir give salution

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    • Mithun kumar ji

      आपका कहना है आपने 6 महीने का ब्याज दे दिया है ,तो आपके हिसाब से वे अगले 6 महीने बाद आने चाहिए?

      है न ?

      तो इसका जवाब हाँ भी है और न भी।

      एक तो वे समय पर पैसे लेने नहीं आए, इसलिए उनकी भी गलती है और दूसरा कि आप खुद भी उन्हे पैसे देने जा सकते थे लेकिन नहीं गए। तो इसमे आपकी भी गलती है।

      चूंकि अब वो समय निकल चुका है जितने समय के भीतर पैसे वापस करने की बात हुई थी।

      इसलिए हर महीने देने वाला रूल भी खत्म।

      अब उनकी मर्जी वे जब चाहे पैसे मांग ले।

      हालाकि उन्हे भी इंसानियत के नाते समझना चाहिए कि एकाएक किसी के पास पैसे नहीं भी हो सकते हैं।

      इसलिए उन्हे आपको कुछ और मोहलत देना चाहिए।

      अगर Problem ज्यादा बड़ी है तो आप अपने आस-पड़ोस के जाने-माने व्यक्ति से सही फैसला करवा सकते हैं,जिसकी सोच निष्पक्ष हो।

      Reply
  2. Aapne bataya ki ek saahukaar apne Mann ke mutaabik interest le sakta hain…kya wakai yeh kaanoon ya RBI ke rules ke hisaab se legal hain?
    Kya aap mujhe written proof dikha sakte hain?

    Reply
    • देखिए जो मैंने कहा था कि साहूकार अपने मन मुताबिक इंटरेस्ट रेट ले सकता है तो वहां इसका मतलब यह था कि उतना ही इंटरेस्ट रेट रखा जाना चाहिए जिससे उधार लेने वाला और उधार देने वाला दोनों पक्ष हैप्पी हो, खुश हो।

      इंटरनेट पर रिसर्च करने से पता चला था कि ब्याज पर पैसे उधार देने के लिए जो नियम हैं वह अलग अलग राज्य सरकार के विधानसभा द्वारा बनाए जाते हैं तो आपके राज्य के लिए क्या नियम हो सकता है यह गूगल सर्च करके आप जान सकते हैं जहां तक बात रही मन मुताबिक इंटरेस्ट रेट की तो जब आप लाइसेंस ले लेंगे तो आपको मनी लेंडिंग लाइसेंस के हिसाब से चलना पड़ेगा जो आपकी स्टेट गवर्नमेंट पर डिपेंड करेगा कि कितना interest rate लेने के लिए कहा गया है।

      इस बात की पुष्टि आप इस आर्टिकल को पढ़कर कर सकते हैं यह लिंक आपको ऑटोमेटिक उस पैराग्राफ में लैंड कर देगा जहां इसकी जानकारी दी गई है
      https://vinodkothari.com/2021/08/registration-under-money-lending-laws/#WHO_ARE_MONEY_LENDERS?

      हेडिंग के पैराग्राफ में कहीं पर आपको यह बात मिल जाएगा की इंटरेस्ट रेट सेंट्रल गवर्नमेंट नहीं बल्कि स्टेट गवर्नमेंट तय करता है जो कि हर स्टेट का अपना अलग-अलग रूल हो सकता है।

      Reply
  3. Maine ek Haan pahchan walon ko 2019 me usaki bahan ki shaadi ke liye bina koi agreement ke dusron se udhaar lekar 4% / m interest par 2,00000=00 rs diya, jo ki bhaichara, pyar, evm viswash par maine de diya, uski bahan ki shaadi thi Aur kaphi pareshan tha wo bola jahan se bhi ho 5% or 10% jo lega interest ham denge lekin hamko do nahi to meri bahan ki shaadi toot jayegi. Aaj 10/07/2022 hai usne aaj tak ek bhi rs wapas nahi kiya hai, kahne par aaj Kal aaj Kal Kar raha hai. Sir main paresaan ho chuka hun ki Kahan se usko rupya wapas denge. Sir Mera margdarshan kijiye.

    Reply
    • ये काफी जटिल है दोस्त पर बिकल्प तो हर समस्या छोर जाता है ,तीन साल हो चूका है समय पर अपना समझकर साथ दिया है ,
      सबसे पहले उसकी स्थिति पर विचार करना पड़ेगा,की उसकी स्थिति क्या है। यदि स्थिति पैसे देने लायक है फिर भी नहीं दे रहा है तो पहले उससे एक दो व्यक्तित्व वाला आदमी लेकर उसके सामने समय देने के बहाने पेपर कम्प्लीट करे ताकि आप बिच में फसे है वो पेपर एक सपोर्ट में होगा फिर समाजिक बंधन में डालकर उसे मंथली लेना शुरू करे जितना ज्यादा से ज्यादा हो सके।
      विशेष ध्यान रखने वाली बात ये है की उसे आज भी आप अपना ही लगे ताकि वो आपसे इमोशनल जुराओ बनाले ताकि उसकी स्थिति में एक सलाहकार का भूमिका में आपको देखे। बिगारने से आप और फस सकते है
      धन्यवाद

      Reply
    • विशाल जी ,
      कीमती वस्तु के रुप में आप कोई ऐसा चीज रखिए जिसका कोई वैल्यू हो ,अगर उधार लेने वाला बंदा आपका पैसा वापस नहीं कर पाया तो आप उस चीज को बेचकर अपना पैसा वसूल सकते हैं.

      जहां तक बात रही पैन कार्ड या आधार कार्ड की तो , गुम हो जाने के बाद तो इन्हें फिर से बनवाया जा सकता है. तो इन्हें रखकर आप क्या करेगे.

      अपना प्रश्न पूछने के लिए धन्यवाद…..

      Reply
      • Sir g mene ek 83 years bavu g ko 500000 rupees udhar diye or unse 500 ka stamp likhvaya or promissory note likhvaya hai agar bavu g ki death ho jati hai to ye agriment or promeshory note valid rahega ya nhi
        Mene wo agrinment 3 years ka likhyaya hai

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  4. हमने किसी आदमी से 1 लाख रू बयाज पर लिए थे 12 month ke लिए ,,, लेकिन समय ने ऐसा करवट लिया हमारी आर्थिक स्थिति ओर खराब हो गई ,, की हम पैसे देने में अभि असमर्थ है हमारी नियत खराब नही है ,, अब वो बार बार मार दूंगा काट दूंगा गाली गलोच करता हूं अगवा कर लूंगा की धमकी देता है क्या करना चहिए 🤔🤔😰🤕🤕

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    • स्थिति किसीकी भी ख़राब हो सकती है यदि आपकी स्थिति वाकई में ख़राब है तो आप समाजिक सहयोग लेकर उसका मूलधन वापस करदे और ह ध्यान रखे की जिस व्यक्ति को आप बैठागे या उसके यहां लेकर जाएंगे वो व्यक्ति ईमानदार और व्यक्तित्व वाला हो समाज में स्थान रखता हो वो आपका अवश्य इस इस्थिति में मदद करेगा।
      गाली गलोच करने वाला व्यक्ति हमेशा कमजोर पाया गया है।

      आप अपने को कमजोर या मजबूर न समझे ये समर्थ को असमर्थ में बदल देता है..
      धन्यवाद

      Reply
  5. mujy 150000 rs udar ki ko deny hai 1 year k li stamp paper kitny rupess ka hona jaruri hai our notery test jaruri hai ja nahi es kay bary may mushna tha please answar me

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